श्री कृष्ण ही कृष्ण पुकारा करूं, निज आंसुओं से मुख धोता रहूं - ब्रज के सवैया

श्री कृष्ण ही कृष्ण पुकारा करूं, निज आंसुओं से मुख धोता रहूं - ब्रज के सवैया

श्री कृष्ण ही कृष्ण पुकारा करूं, निज आंसुओं से मुख धोता रहूं।
ब्रज राज तुम्हारे वियोग में, यूँ दिन रात सदा रोता रहूं॥

- ब्रज के सवैया

हे ब्रजराज श्री कृष्ण, आपके वियोग में मैं दिन-रात अश्रुधारा बहाता रहूँ, आपका नाम "कृष्ण कृष्ण" पुकारता रहूँ, और अपने आँसुओं से अपना मुख धोता रहूँ। आपके प्रेम का यह विरह ही मेरा जीवन बने।