बहुलावन कुण्ड

बहुलावन कुण्ड

पञ्चमं बहुलं नाम वनानां वनमुत्तमम् ।
तत्र गतो नरो देवि ! अग्निस्थानं स गच्छति ॥

- आदि वराह पुराण

बहुलावन नामक पाँचवाँ वन है, जहाँ स्नान करने वाला अग्निलोक को सहज ही प्राप्त कर लेता है ।

बहुला श्रीहरेः पत्नी तत्र तिष्ठति सर्वदा ।
तस्मिन् पद्मवने राजन् ! बहु पुण्यफलानि च ॥

- स्कन्द पुराण

“श्रीहरि की बहुला नाम की पत्नी सर्वदा यहाँ विराजमान रहती हैं । बहुलावन कुण्ड में स्थित पद्मवन में स्नान-पान करने वाले व्यक्ति को बहुत पुण्य प्राप्त होता है, क्योंकि भगवान विष्णु लक्ष्मीजी सहित यहाँ निवास करते हैं ।”

यहाँ श्रीमन्महाप्रभु वल्लभाचार्यजी महाराज की बैठक है ।
कहते हैं कि एकबार इसी स्थान पर बहुला नाम की एक गाय को सिंह ने घेर लिया । उसे वह मारना ही चाहता था कि गाय ने अपने बछड़े को दूध पिलाकर लौट आने का आश्वासन देकर अपने स्वामी ब्राह्मण के घर लौटी । उसने अपने द्वारा बाघको दिये हुये वचनकी बात सुनाकर अपने बछड़ेको भरपेट दूध पी लेनेके लिए कहा तो बछड़ा भी बिना दूध पिये माताके साथ जानेकी हठ करने लगा । ब्राह्मण उन दोनों को घर रखकर बाघका ग्रास बनने के लिए स्वयं जानेको उद्यत हो गया । अन्ततः ये तीनों बाघ के समीप पहुँचे । तीनों अपने-अपने को बाघको उत्सर्ग करना चाहते थे । इतनें में श्रीकृष्ण वहाँ प्रकट हो गये । बाघका हृदय बदल गया । श्रीकृष्ण की कृपा से वह ब्राह्मण, गाय और बछड़े को लेकर सकुशल घर लौट आया ।
यहाँ दो वृहद् जलाशय बलराम - कुण्ड तथा मान-सरोवर नाम से विख्यात हैं ।
बहुला-बिहारीजी का प्राचीन मन्दिर है । बहुला गऊ तथा सिंह के दर्शन हैं । इसी से यह स्थल 'बहुलावन' नाम से विख्यात है ।
बहुला वन अब ‘बाटी’ ग्राम के नाम से विख्यात है ।

स्थान :
बहुला वन (बाटी) मथुरा से पश्चिम में 11 km की दूरीपर राधाकुण्ड एवं वृन्दावन के मध्य स्थित है ।
  1. बहुलावन कुण्ड का दर्शन ।
    बहुलावन कुण्ड का दर्शन ।
  2. बहुलावन कुण्ड में बहुला गाय एवं बाघ सहित श्री बहुला बिहारी जी के दर्शन ।
    बहुलावन कुण्ड में बहुला गाय एवं बाघ सहित श्री बहुला बिहारी जी के दर्शन ।
  3. बहुलावन कुण्ड में बहुला गाय सहित बहुला बिहारी जी के दर्शन ।
    बहुलावन कुण्ड में बहुला गाय सहित बहुला बिहारी जी के दर्शन ।
  4. बहुलावन कुण्ड पर विश्राम करता एक ब्रजवासी ।
    बहुलावन कुण्ड पर विश्राम करता एक ब्रजवासी ।
  5. बहुलावन कुण्ड का शांत दृश्य ।
    बहुलावन कुण्ड का शांत दृश्य ।
  6. बहुलावन कुण्ड का दूर से दृश्य ।
    बहुलावन कुण्ड का दूर से दृश्य ।
  7. बहुलावन कुण्ड के समीप रास मंडल का दृश्य ।
    बहुलावन कुण्ड के समीप रास मंडल का दृश्य ।
  8. बहुलावन कुण्ड का मनमोहक दृश्य ।
    बहुलावन कुण्ड का मनमोहक दृश्य ।
  9. बहुलावन कुण्ड की सीढ़ियों का दृश्य ।
    बहुलावन कुण्ड की सीढ़ियों का दृश्य ।
  10. परिक्रमा पथ से बहुलावन कुण्ड का दृश्य ।
    परिक्रमा पथ से बहुलावन कुण्ड का दृश्य ।
  11. बहुलावन कुण्ड का नाम एक दीवार पर अंकित है ।
    बहुलावन कुण्ड का नाम एक दीवार पर अंकित है ।
  12. बहुलावन कुण्ड के परिक्रमा पथ की एक झलक ।
    बहुलावन कुण्ड के परिक्रमा पथ की एक झलक ।
  13. बहुलावन कुण्ड में श्री हनुमान जी का मंदिर ।
    बहुलावन कुण्ड में श्री हनुमान जी का मंदिर ।
  14. बहुलावन कुण्ड में भगवान शिव के दर्शन ।
    बहुलावन कुण्ड में भगवान शिव के दर्शन ।
  15. बहुलावन कुण्ड की एक दीवार पर गायों के साथ श्रीकृष्ण का सुन्दर चित्र अंकित किया गया है ।
    बहुलावन कुण्ड की एक दीवार पर गायों के साथ श्रीकृष्ण का सुन्दर चित्र अंकित किया गया है ।
  16. बहुलावन कुण्ड के जल का दृश्य ।
    बहुलावन कुण्ड के जल का दृश्य ।
  17. बहुलावन कुण्ड पर श्री गोवर्धन जी के दर्शन ।
    बहुलावन कुण्ड पर श्री गोवर्धन जी के दर्शन ।
  18. बहुलावन कुण्ड का एक मनोरम दृश्य ।
    बहुलावन कुण्ड का एक मनोरम दृश्य ।
  19. बहुलावन कुण्ड के परिक्रमा पथ का दृश्य ।
    बहुलावन कुण्ड के परिक्रमा पथ का दृश्य ।
  20. बहुलावन कुण्ड के पास श्री व्रजेश्वरी देवी का मंदिर ।
    बहुलावन कुण्ड के पास श्री व्रजेश्वरी देवी का मंदिर ।
  21. बहुलावन कुण्ड के पास एक गाय आराम कर रही है ।
    बहुलावन कुण्ड के पास एक गाय आराम कर रही है ।
  22. बहुलावन कुण्ड का एक सुन्दर दृश्य ।
    बहुलावन कुण्ड का एक सुन्दर दृश्य ।
  23. बहुलावन कुण्ड का परिक्रमा पथ ।
    बहुलावन कुण्ड का परिक्रमा पथ ।
  24. बहुलावन कुण्ड का दृश्य ।
    बहुलावन कुण्ड का दृश्य ।