मयूरकुटी बरसाना

मयूरकुटी बरसाना


मयूरकुटी बरसाना में गह्वर वन के पास दानगढ़ की चोटी से आगे है | यहाँ पर कई तरह की लीलाएं हुई हैं। एक तो यह है कि मोर कुटी में दोनों श्रीराधा-कृष्ण ने मयूर बनकर नृत्य किया था | श्रीराधा ने एक बार मानगढ़ में मान कर लिया तो श्री कृष्ण ने बहुत प्रयास किया मान तोड़ने का परन्तु वह असमर्थ रहे, और अंत में वह किशोरीजी को प्रसन्न करने के लिए मोर कुटी (जो कि एक दम सामने के पर्वत पर है मानगढ़ से) जाकर मोर बनकर नाचे|  अंत में श्री किशोरीजी ने मान को तोड़ दिया |।अद्भतु मयूर से आकर्षित होकर, श्रीराधा कहने लगीं, “अरे मयूर! ऐसा ही नृत्य तो हमारे प्यारे किया करते हैं।” यह सुन कर अपने मयूर रूप को छोडकर श्रीकृष्ण बोले “मैं ही तो आपका प्यारा हूँ।” बस दोनों हंस गये और मिलन हो गया और दोनों ने ही मयूर नृत्य किया।
दूसरी लीला यह भी है कि, गहवरवन के मोर वहां आते हैं तो किसी को श्रीजी कहती हैं कि यह मेरा मोर है और किसी को ठाकुर जी कहते हैं कि वह मेरा मोर है। दोनों में होड़ लगती है कि किसका मोर अच्छा नाचेगा? श्रीजी अपने मोर को नचाती हैं और ठाकुर जी अपने मोर को नचाते हैं। इसी तरह से मोर कुटी पर कई मयूर लीलायें हुई हैं।

आगे पढ़ें: बांके बिहारी की मोर पंख कथा - क्यों श्री कृष्ण ने मोर पंख अपने मुकुट पर धारण किया है ?
  1. मोरकुटी, बरसाना में श्री बिहारिन देव जी महाराज के दर्शन
    मोरकुटी, बरसाना में श्री बिहारिन देव जी महाराज के दर्शन
  2. श्री राधा श्री कृष्ण को प्रसाद देते हुए [नज़दीक से]
    श्री राधा श्री कृष्ण को प्रसाद देते हुए [नज़दीक से]
  3. श्री राधा श्री कृष्ण को प्रसाद देते हुए
    श्री राधा श्री कृष्ण को प्रसाद देते हुए
  4. एक दृश्य में श्री कृष्ण रोते हुए श्री राधा की चरण सेवा करते हुए मोरकुटी में
    एक दृश्य में श्री कृष्ण रोते हुए श्री राधा की चरण सेवा करते हुए मोरकुटी में
  5. श्री कृष्ण रोते हुए श्री राधा की चरण सेवा करते हुए
    श्री कृष्ण रोते हुए श्री राधा की चरण सेवा करते हुए
  6. बरसाना के मोरकुटी में श्री कृष्ण के मोर के वेश में एक चित्र
    बरसाना के मोरकुटी में श्री कृष्ण के मोर के वेश में एक चित्र
  7. मोरकुटी, बरसाना में पुराने सिंहासन की झलक
    मोरकुटी, बरसाना में पुराने सिंहासन की झलक
  8. मोरकुटी, गेहवर वन, बरसाना के बाहरी दृश्य की झलक।
    मोरकुटी, गेहवर वन, बरसाना के बाहरी दृश्य की झलक।
  9. मोरकुटी, गेहवरवन वन, बरसाना में श्री राधा कृष्ण की विभिन्न मोर लीलाओं की झलक।
    मोरकुटी, गेहवरवन वन, बरसाना में श्री राधा कृष्ण की विभिन्न मोर लीलाओं की झलक।
  10. मोरकुटी, गहवर वन, बरसाना में श्री राधा की सेवा करते हुए श्री कृष्ण की झलक।
    मोरकुटी, गहवर वन, बरसाना में श्री राधा की सेवा करते हुए श्री कृष्ण की झलक।
  11. मोरकुटी, गहवर वन, बरसाना में श्री कृष्ण को प्रसाद देते हुए श्री राधा की झलक।
    मोरकुटी, गहवर वन, बरसाना में श्री कृष्ण को प्रसाद देते हुए श्री राधा की झलक।
  12. मोरकुटी, गेहवर वन, बरसाना में चित्रों की झलक।
    मोरकुटी, गेहवर वन, बरसाना में चित्रों की झलक।
  13. मोरकुटी, गहवरवन में गहवरवन की झलक
    मोरकुटी, गहवरवन में गहवरवन की झलक
  14. मोरकुटी, गहवरवन में कुञ्ज गली की झलक
    मोरकुटी, गहवरवन में कुञ्ज गली की झलक
  15. मोरकुटी, बरसाना में ललिता और विशाखा सखी का एक चित्र
    मोरकुटी, बरसाना में ललिता और विशाखा सखी का एक चित्र
  16. मोरकुटी, बरसाना में सूखे पेड़ों से सूर्यास्त का दृश्य
    मोरकुटी, बरसाना में सूखे पेड़ों से सूर्यास्त का दृश्य
  17. मोरकुटी, बरसाना में दिव्य चैतन्य वृक्ष
    मोरकुटी, बरसाना में दिव्य चैतन्य वृक्ष
  18. मोरकुटी, बरसाना से राधारानी मंदिर का दृश्य
    मोरकुटी, बरसाना से राधारानी मंदिर का दृश्य
  19. मोरकुटी, बरसाना में मंदिर की दीवार पर श्री राधा कृष्ण के मोर नृत्य का चित्र
    मोरकुटी, बरसाना में मंदिर की दीवार पर श्री राधा कृष्ण के मोर नृत्य का चित्र
  20. मोरकुटी, बरसाना में शाम को पेड़ों का दृश्य
    मोरकुटी, बरसाना में शाम को पेड़ों का दृश्य
  21. मोरकुटी, बरसाना में श्री राधा कृष्ण के दर्शन
    मोरकुटी, बरसाना में श्री राधा कृष्ण के दर्शन
  22. मोरकुटी, बरसाना के पास एक पेड़ का रात का दृश्य
    मोरकुटी, बरसाना के पास एक पेड़ का रात का दृश्य
  23. मोरकुटी, बरसाना से राधारानी मंदिर का एक और दृश्य
    मोरकुटी, बरसाना से राधारानी मंदिर का एक और दृश्य
  24. मोरकुटी, बरसाना में मंदिर की दीवार पर श्री कृष्ण के मोर नृत्य का चित्र
    मोरकुटी, बरसाना में मंदिर की दीवार पर श्री कृष्ण के मोर नृत्य का चित्र