नन्द बैठक एवं नन्द कुंड - नन्दगाँव

नन्द बैठक एवं नन्द कुंड - नन्दगाँव

ब्रजेश्वर महाराज नन्द यहाँ पर अपने बड़े और छोटे भाईयों, वृद्ध गोपों तथा पुरोहित आदिके साथ समय - समयपर बैठकर कृष्णके कल्याणार्थ विविध प्रकारके परामर्श आदि करते थे । बैठकर परामर्श करने के कारण इसे बैठक कहा गया है । चौरासी कोस ब्रजमें महाराज नन्दकी बहुतसी बैठकें हैं । नन्दबाबा गोकुल के साथ जहाँ भी विराजमान होते, वहींपर समयोचित बैठकें हुआ करती थीं । इसी प्रकारकी बैठकें छोटी और बड़ी बैठन तथा अन्य स्थानोंमें भी हैं । नन्दबाबा, गो, गोप, गोपी आदिके साथ जहाँ भी निवास करते थे, उसे नन्दगोकुल कहा जाता था । बैठकें कैसे होती थीं, उसका एक प्रसंग इस प्रकार है -
गिरिराज गोवर्धनको सात दिनोंतक अपनी कनिष्ठ अंगुलीपर धारणकर सप्त वर्षीय कृष्णने इन्द्रका घमण्ड चकनाचूर कर दिया था । इससे सभी वृद्ध गोप बड़े आश्चर्यचकित हुए । उन्होंने एक बैठक की । ज्येष्ठ भ्राता उपानन्द उस बैठक के सभापति हुए । नन्दबाबा भी उस बैठकमें बुलाये गये । वृद्ध गोपोंने बैठक में अपना-अपना यह मन्तव्य प्रकट किया कि श्रीकृष्ण एक साधारण बालक नहीं हैं । जन्मते ही पूतना जैसी भयंकर राक्षसीको खेल ही खेल में मार डाला । तत्पश्चात् शकटासुर, तृणावर्त, अघासुर आदिको मार गिराया । कालीय जैसे भयंकर नागका भी दमनकर उसे कालीदह से बाहर कर दिया । अभी कुछ ही दिन हुए गिरिराज जैसे विशाल पर्वतको सात दिनोंतक अपनी कनिष्ठ अंगुलीपर धारणकर मूसलाधार वृष्टि और आँधी-तूफानसे सारे ब्रजकी रक्षा की । यह साधारण बालक का कार्य नहीं है । हमें तो ऐसा लगता है कि यह कोई सिद्ध पुरुष देवता अथवा स्वयं नारायण ही हैं । नन्द और यशोदाका पुत्र मानकर इसे डाँटना, डपटना, चोर, उद्दण्ड आदि सम्बोधन करना उचित नहीं है । अतः नन्द, यशोदा और गोप, गोपी सावधानीसे सदैव इसके साथ प्रीति और गौरवमय व्यवहार ही करें। उपस्थित सभी गोपोंने इस वक्तव्यको बहुत ही गम्भीर रूपसे ग्रहण किया । सभी ने मिलकर नन्दबाबा को इस विषयमें सतर्क कर दिया । नन्दबाबाने हँसते हुए उनकी बातोंको उड़ा दिया और कहा -
"आदरणीय सज्जनो! आपका वक्तव्य मैंने श्रवण किया, किन्तु मैं कृष्णमें लेशमात्र भी किसी देवत्व या भगवत्ताका लक्षण नहीं देख रहा हूँ । मैं इसे जन्मसे जानता हूँ । भला भगवानको भूख और प्यास लगती है ? यह मक्खन और रोटी के लिए दिनमें पचास बार रोता है । क्या भगवान् चोरी करता और झूठ बोलता है? यह गोपियोंके घरोंमें जाकर मक्खन चोरी करता है, झूठ बोलता है तथा नाना प्रकारके उपद्रव करता है । पड़ोसकी गोपियाँ इसे चुल्लूभर मट्ठेके लिए, लड्डूके लिए तरह-तरहसे नचाती और इसके साथ
खिलवाड़ करती हैं । जैसा भी हो, जब इसने हमारे घरमें पुत्रके रूपमें जन्म ग्रहण किया है, तब इसके प्रति हमारा यही कर्तव्य है । भविष्यमें यह सदाचार आदि सर्वगुणसम्पन्न आदर्श व्यक्ति बने । हाँ एक बात है कि महर्षि गर्गाचार्य ने नामकरणके समय यह भविष्यवाणी की थी कि तुम्हारा यह बालक गुणोंमें भगवान् नारायण के समान होगा । अतः चिन्ताकी कोई बात नहीं है।"
इसके अतिरिक्त कभी-कभी कृष्ण के हितमें, उसकी सगाईके लिए तथा अन्य विषयोंके लिए समय- समयपर बैठकें हुआ करती थीं ।

स्थान :
नन्द बैठक नन्दगाँव में यशोदा कुण्ड से 200 मीटर पूर्व में स्थित है । 
  1. नंदगाँव में नंद बैठक और नंद कुंड के पास भ्रमण परायण एक मंजुल मोर का दृश्य ।
    नंदगाँव में नंद बैठक और नंद कुंड के पास भ्रमण परायण एक मंजुल मोर का दृश्य ।
  2. नंदगाँव में नंद बैठक और नंद कुंड के नाम पट्ट का दृश्य ।
    नंदगाँव में नंद बैठक और नंद कुंड के नाम पट्ट का दृश्य ।
  3. नंदगाँव में नंद कुंड का एक निकटतम दृश्य ।
    नंदगाँव में नंद कुंड का एक निकटतम दृश्य ।
  4. नंद बैठक, नंदगाँव में एक दीवार पर बैठे मोर का दृश्य ।
    नंद बैठक, नंदगाँव में एक दीवार पर बैठे मोर का दृश्य ।
  5. नंद बैठक, नंदगाँव में अनाज खाते हुए एक मोर का दृश्य ।
    नंद बैठक, नंदगाँव में अनाज खाते हुए एक मोर का दृश्य ।
  6. नंद बैठक, नंदगाँव में निवास और भजन करने वाले संतों के दर्शन ।
    नंद बैठक, नंदगाँव में निवास और भजन करने वाले संतों के दर्शन ।
  7. नंद बैठक, नंदगाँव में भगवान गोवर्धन के दर्शन ।
    नंद बैठक, नंदगाँव में भगवान गोवर्धन के दर्शन ।
  8. नंद बैठक, नंदगाँव में महाराज नंद की गोद में विराजमान कृष्ण और बलराम के निकट के दर्शन ।
    नंद बैठक, नंदगाँव में महाराज नंद की गोद में विराजमान कृष्ण और बलराम के निकट के दर्शन ।
  9. नंद बैठक, नंदगाँव में महाराज नंद की गोद में विराजमान कृष्ण और बलराम के दर्शन ।
    नंद बैठक, नंदगाँव में महाराज नंद की गोद में विराजमान कृष्ण और बलराम के दर्शन ।
  10. नंदगाँव में नंद बैठक का एक दिव्य दृश्य ।
    नंदगाँव में नंद बैठक का एक दिव्य दृश्य ।
  11. नंदगाँव में नंद बैठक और नंद कुंड के पास भ्रमण परायण एक सुंदर मोर का दृश्य ।
    नंदगाँव में नंद बैठक और नंद कुंड के पास भ्रमण परायण एक सुंदर मोर का दृश्य ।
  12. नंदगाँव में नंद कुंड का दृश्य ।
    नंदगाँव में नंद कुंड का दृश्य ।
  13. नन्दगाँव में नंद बैठक का दृश्य ।
    नन्दगाँव में नंद बैठक का दृश्य ।