रावल राधारानी मन्दिर

रावल राधारानी मन्दिर

भगवान कृष्ण श्री राधारानी से कह रहे हैं "कृपया धरती पर जाएं और अवतार लें"
श्री राधा ने कहा "आप कहते रहते हैं कि, इस संसार में जाओ, लेकिन मैं वहां क्या करुँगी, इस पृथ्वी पर कोई वृंदावन, मथुरा या ब्रज धाम नहीं है"
कृष्ण ने कहा "वैकुंठ में आओ, मैं तुम्हें वहां से मिट्टी का एक ढ़ेला दूंगा, मिट्टी के उस ढेले से, जहां तक ​​मिट्टी फैलेगा वहां तक की भूमि को "ब्रज धाम" कहा जाएगा। ब्रज धाम में सभी तीर्थ उपस्थित रहेंगे, जैसे मथुरा, वृंदावन, गोकुल, गोवर्धन, बरसाना, नंदगांव, आदि और जो भी पूरे 84 कोस ब्रज धाम की परिक्रमा करेगा, वह जन्म और मृत्यु से मुक्त हो जायेगा।
कृष्ण ने कहा "अब आपको पृथ्वी पर जाना चाहिए"
एक बार, यमुना में, एक कमल का पुष्प जिसमे से अपने आप प्रकाश हो रहा था, पानी के प्रवाह से बहता हुआ आया। माँ कीर्ति जी उस कमल को देखकर दंग रह गईं। उन्होंने सोचा कि यह एक कमल का पुष्प है, लेकिन सोने की तरह स्वयं को प्रकाशित कर रहा है। धीरे-धीरे कमल का पुष्प पानी के बहाव से पास आ गया। जब कमल पास आया, तो माँ कीर्ति ने उस कमल के पुष्प पर आँखें बंद किये हुए एक बच्ची को देखा। माँ कीर्ति जी ने आवाज़ सुनी "तुम रोज़ एक बच्ची के लिए प्रार्थना करती हो, अब इस बच्ची को अपने साथ ले जाओ" श्री राधा को बरसाना में किशोरी के रूप में कहा जाता है, उनका पालन-पोषण वहाँ हुआ था और यहाँ रावल में, उन्हें लाडिली कहा जाता है।
  1. रावल में लाड़िली श्री राधारानी का शिशु रूप।
    रावल में लाड़िली श्री राधारानी का शिशु रूप।
  2. रावल में राधारानी का चित्र।
    रावल में राधारानी का चित्र।
  3. रावल, ब्रज की ओर का मार्ग।
    रावल, ब्रज की ओर का मार्ग।
  4. रावल में राधारानी मंदिर का प्रांगण।
    रावल में राधारानी मंदिर का प्रांगण।
  5. राधारानी मंदिर, रावल में श्री राधारानी के बाल रूप के दर्शन।
    राधारानी मंदिर, रावल में श्री राधारानी के बाल रूप के दर्शन।
  6. राधारानी मंदिर, रावल में राधा कृष्ण के श्रीविग्रह दर्शन।
    राधारानी मंदिर, रावल में राधा कृष्ण के श्रीविग्रह दर्शन।
  7. रावल में राधारानी मंदिर के बाहर एक पुराना वट वृक्ष।
    रावल में राधारानी मंदिर के बाहर एक पुराना वट वृक्ष।
  8. रावल में राधारानी मंदिर के बाहर का दृश्य।
    रावल में राधारानी मंदिर के बाहर का दृश्य।