सिंदूरी शिला - गोवर्धन

सिंदूरी शिला - गोवर्धन

सिंदूरी शिला वह शिला है जहाँ स्वयं श्री राधा ने शिला पर अपनी ऊँगली के घर्षण से सिंदूर प्रकट किया था एवं अपनी मांग में धारण किया था ।
एक समय श्री श्यामा जू श्रृंगार सहित श्री कृष्ण के पास आयीं, श्री कृष्ण ने श्री राधा से कहा कि आपकी मांग में सिंदूर नहीं है, आपका श्रृंगार पूर्ण नहीं है। इसपर श्री राधा ने कहा कि पुनः बरसाना जाकर सिंदूर धारण करने में तो बहुत विलम्ब हो जायेगा । इसपर श्री कृष्ण ने कहा कि आप यहाँ गोवर्धन की किसी भी शिला पर अपनी ऊँगली के घर्षण से सिंदूर प्राप्त कर सकती हैं । श्री राधा ने यहीं इस शिला पर अपनी उँगलियों से घर्षण किया और सिंदूर प्रकट हो गया जिसे उन्होंने फिर अपनी मांग में धारण किया ।

स्थान :
सिंदूरी शिला गोवर्धन के परिक्रमा मार्ग में मुखारविंद में स्थित है ।
  1. सिंदूरी शिला, गोवर्धन में गोवर्धन पर्वत का एक अच्छा दृश्य।
    सिंदूरी शिला, गोवर्धन में गोवर्धन पर्वत का एक अच्छा दृश्य।
  2. सिंदूरी शिला, गोवर्धन में गोवर्धन पर्वत पर चट्टान पर बैठा एक बंदर ।
    सिंदूरी शिला, गोवर्धन में गोवर्धन पर्वत पर चट्टान पर बैठा एक बंदर ।
  3. सिंदूरी शिला, गोवर्धन में गोवर्धन पर्वत पर गायों और बंदरों का सुंदर दृश्य ।
    सिंदूरी शिला, गोवर्धन में गोवर्धन पर्वत पर गायों और बंदरों का सुंदर दृश्य ।
  4. गोवर्धन में सिंदूरी शिला पर अपनी उंगलियों को रगड़ने के बाद सिंदूर दिखाते हुए एक ब्रजवासी का दृश्य।
    गोवर्धन में सिंदूरी शिला पर अपनी उंगलियों को रगड़ने के बाद सिंदूर दिखाते हुए एक ब्रजवासी का दृश्य।
  5. एक ब्रजवासी गोवर्धन में सिंदूरी शिला पर अपनी उँगलियों को रगड़ कर सिंदूर दिखा रहा है।
    एक ब्रजवासी गोवर्धन में सिंदूरी शिला पर अपनी उँगलियों को रगड़ कर सिंदूर दिखा रहा है।
  6. एक ब्रजवासी सिंदूर के लिए गोवर्धन में सिंदूरी शिला पर अपनी उंगलियां रगड़ रहा है ।
    एक ब्रजवासी सिंदूर के लिए गोवर्धन में सिंदूरी शिला पर अपनी उंगलियां रगड़ रहा है ।
  7. गोवर्धन में सिंदूरी शिला ।
    गोवर्धन में सिंदूरी शिला ।