सुरभि कुण्ड - गोवर्धन

सुरभि कुण्ड - गोवर्धन

जब श्री कृष्ण के कहने से ब्रजवासी गोवर्धन की पूजा करने लगे तो इन्द्र क्रोधित हो घनघोर वर्षा करने लगे और ब्रज मण्डल जल-मग्न होने लगा । सबकी रक्षा हेतु श्री कृष्ण ने अपनी कनिष्ठ ऊँगली पर गोवर्धन पर्वत धारण किया । 7 दिन-रात वर्षा करने के उपरांत इन्द्र को अपनी भूल का पश्चाताप हुआ । तब माता अदिति के आदेश से इन्द्र माता सुरभि को लेकर श्री कृष्ण के पास क्षमा मांगने आये और श्री कृष्ण की स्तुति की । इन्द्र की प्रार्थना से सुरभीजी ने अपने स्तनके दूधसे श्री कृष्ण का अभिषेक किया । तत्पश्चात् श्रीकृष्ण की गोचारण लीला तथा विशेषतः श्रीराधाकृष्ण युगलकी निभृत निकुञ्जलीला का दर्शन करने के लोभसे श्रीकृष्णकी ब्रजलीला तक माता सुरभि यहीं निवास करने लगीं । महाराज वज्रनाभने उनकी स्मृतिके लिए इस सुरभि कुण्ड की स्थापना की । यहाँ स्नान एवं आचमन करने से सारे पाप, अपराध एवं अनर्थ दूर हो जाते हैं तथा ब्रजप्रेम प्राप्त होता है ।
यहीं अष्टछाप के महाकवि श्री परमानन्द दास जी की समाधी है ।

एवं कृष्णमुपामन्‍त्र्य सुरभि: पयसात्मन: ।
जलैराकाशगङ्गाया ऐरावतकरोद्‌धृतै: ॥
- श्रीमद्भागवत (10.27.22)
"भगवान कृष्ण की स्तुति करने के पश्चात्, माता सुरभि ने अपने दूध से श्री कृष्ण का अभिषेक किया, और इंद्र ने माता अदिति और अन्य देव माताओं द्वारा आदेश प्राप्त कर, अपने वाहन ऐरावत हाथी के सूंड से आकाश गंगा के जल से भगवान का अभिषेक किया ।"

स्थान :
गोवर्धन के पूंछरी से परिक्रमा मार्ग में आगे चलते-चलते दाऊ जी मंदिर के उत्तर की ओर ‘सुरभि कुण्ड’ स्थित है ।
  1. गोवर्धन के सुरभि कुण्ड में एक सुंदर कुटिया का दृश्य ।
    गोवर्धन के सुरभि कुण्ड में एक सुंदर कुटिया का दृश्य ।
  2. गोवर्धन में सुरभि कुण्ड में एक छोटे से गणेश मंदिर का दृश्य ।
    गोवर्धन में सुरभि कुण्ड में एक छोटे से गणेश मंदिर का दृश्य ।
  3. गोवर्धन में सुरभि कुण्ड के परिवेश का एक सुखद दृश्य ।
    गोवर्धन में सुरभि कुण्ड के परिवेश का एक सुखद दृश्य ।
  4. गोवर्धन में सुरभि कुण्ड में भक्तों का निवास स्थान ।
    गोवर्धन में सुरभि कुण्ड में भक्तों का निवास स्थान ।
  5. गोवर्धन में सुरभि कुण्ड के चारों ओर सुंदर हरा-भरा वन ।
    गोवर्धन में सुरभि कुण्ड के चारों ओर सुंदर हरा-भरा वन ।
  6. गोवर्धन में सुरभि कुण्ड का मनोरम दृश्य ।
    गोवर्धन में सुरभि कुण्ड का मनोरम दृश्य ।
  7. गोवर्धन में सुरभि कुण्ड के आसपास का सुन्दर दृश्य ।
    गोवर्धन में सुरभि कुण्ड के आसपास का सुन्दर दृश्य ।
  8. गोवर्धन में सुरभि कुण्ड पर श्रीनाथजी के संग महाप्रभु श्री वल्लभाचार्य जी और भक्तों का सुन्दर चित्रण किया गया है ।
    गोवर्धन में सुरभि कुण्ड पर श्रीनाथजी के संग महाप्रभु श्री वल्लभाचार्य जी और भक्तों का सुन्दर चित्रण किया गया है ।
  9. गोवर्धन में सुरभि कुण्ड में वृक्षऔर सीढ़ियों का सुन्दर दृश्य ।
    गोवर्धन में सुरभि कुण्ड में वृक्षऔर सीढ़ियों का सुन्दर दृश्य ।
  10. गोवर्धन में सुरभि कुण्ड के वन का एक सुन्दर दृश्य ।
    गोवर्धन में सुरभि कुण्ड के वन का एक सुन्दर दृश्य ।
  11. गोवर्धन में सुरभि कुण्ड का सुंदर वन दृश्य ।
    गोवर्धन में सुरभि कुण्ड का सुंदर वन दृश्य ।
  12. गोवर्धन के सुरभि कुण्ड में महाप्रभु श्री वल्लभाचार्य जी और श्री परमानन्द दास जी के साथ श्रीनाथजी के पूर्ण दर्शन ।
    गोवर्धन के सुरभि कुण्ड में महाप्रभु श्री वल्लभाचार्य जी और श्री परमानन्द दास जी के साथ श्रीनाथजी के पूर्ण दर्शन ।
  13. गोवर्धन के सुरभि कुण्ड में महाप्रभु श्री वल्लभाचार्य जी और श्री परमानन्द दास जी के साथ श्रीनाथजी के सुन्दर दर्शन ।
    गोवर्धन के सुरभि कुण्ड में महाप्रभु श्री वल्लभाचार्य जी और श्री परमानन्द दास जी के साथ श्रीनाथजी के सुन्दर दर्शन ।
  14. गोवर्धन में सुरभि कुण्ड की लीलाएं एक दीवार पर हिंदी में लिखी हुई हैं ।
    गोवर्धन में सुरभि कुण्ड की लीलाएं एक दीवार पर हिंदी में लिखी हुई हैं ।
  15. गोवर्धन में सुरभि कुण्ड की लीलाएं एक दीवार पर अंग्रेजी में लिखी हुई हैं ।
    गोवर्धन में सुरभि कुण्ड की लीलाएं एक दीवार पर अंग्रेजी में लिखी हुई हैं ।
  16. गोवर्धन में सुरभि कुण्ड का पूर्ण दृश्य ।
    गोवर्धन में सुरभि कुण्ड का पूर्ण दृश्य ।
  17. गोवर्धन में सुरभि कुण्ड पर विश्राम करती सुन्दर गायें ।
    गोवर्धन में सुरभि कुण्ड पर विश्राम करती सुन्दर गायें ।
  18. गोवर्धन में सुरभि कुण्ड पर एक सुंदर छोटी संरचना बनाई गई है ।
    गोवर्धन में सुरभि कुण्ड पर एक सुंदर छोटी संरचना बनाई गई है ।
  19. गोवर्धन में सुरभि कुण्ड के जल का मनोरम दृश्य ।
    गोवर्धन में सुरभि कुण्ड के जल का मनोरम दृश्य ।
  20. गोवर्धन में सुरभि कुण्ड का सुंदर दृश्य ।
    गोवर्धन में सुरभि कुण्ड का सुंदर दृश्य ।