गुलाबी परिधान में श्री राधा रानी अत्यंत सौम्यता से विराजमान होकर अपनी सखी की बात सुन रही हैं, वहीं पूर्णिमा के पूर्ण चंद्र तले, एक कुसुमित कुंज में श्री कृष्ण उन्हें अत्यंत प्रेमपूर्वक निहार रहे हैं।