श्री कृष्ण यमुना नदी के तट पर शालीनता से नृत्य कर रहे हैं, जबकि गोपियाँ उनके चारों ओर घेरा बनाकर बैठी हैं और विशुद्ध प्रशंसा तथा प्रेम भाव से निहारते हुए अपने हाथों से ताल दे रही हैं।