श्री राधा यमुना के पवित्र तट पर शालीनता से अपने कदम बढ़ा रही हैं, उनके चरण-कमल सुंदर स्वर्ण पायजेब और चमकदार लाल आलता से सुशोभित हैं, और सूर्योदय की सुनहरी तथा न्यानमयी धूप में बिखरी पंखुड़ियों के बीच मोर उन्हें निहार रहे हैं।

श्री राधा यमुना के पवित्र तट पर शालीनता से अपने कदम बढ़ा रही हैं, उनके चरण-कमल सुंदर स्वर्ण पायजेब और चमकदार लाल आलता से सुशोभित हैं, और सूर्योदय की सुनहरी तथा न्यानमयी धूप में बिखरी पंखुड़ियों के बीच मोर उन्हें निहार रहे हैं।