राधा 'रा 'के कहत ही, निकसत सकल विकार
जब कोई 'रा' कहता है, तो समस्त दुख दूर हो जाते हैं। यदि माया वापस आने की कोशिश करती है, तो राधा का 'धा’ माया को धक्का देकर बाहर निकाल देता है।
श्री अलबेली शरण, निम्बार्क सम्प्रदाय के वृंदावन धाम के रसिक संत हैं ।
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जब कोई 'रा' कहता है, तो समस्त दुख दूर हो जाते हैं। यदि माया वापस आने की कोशिश करती है, तो राधा का 'धा’ माया को धक्का देकर बाहर निकाल देता है।
"राधा" नाम के मात्र 'रा' अक्षर का उच्चारण करते ही हृदय के समस्त विकार (पाप और दोष) बाहर निकल जाते हैं। जब वे विकार पुनः प्रवेश करने का प्रयास करते हैं, तो 'धा' अक्षर का उच्चारण उन्हें रोक देता है और धक्का देकर दूर भगा देता है।