दोउ दोउन के प्रांन धन - श्री रूपरसिक देवाचार्य, भावना विलास (26)
श्री राधा कृष्ण एक दूसरे के प्राण धन हैं एवं दोनों एक दूसरे के जीय हैं। दोनों एक दूसरे की प्रेमिका भी हैं और प्रियतम भी हैं।
"भावना विलास" श्री रूपरसिक देवाचार्य द्वारा रचित है जिसमें श्री राधा कृष्ण की निकुंज लीला से सम्बंधित तेरह चौपाई एवं सतरह दोहे संकलित हैं।
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श्री राधा कृष्ण एक दूसरे के प्राण धन हैं एवं दोनों एक दूसरे के जीय हैं। दोनों एक दूसरे की प्रेमिका भी हैं और प्रियतम भी हैं।