भक्ति प्रेम जोगी कहें - श्री जुगलदास, योग कल्पवल्ली
वृन्दावन की रसोपासना में भक्ति-प्रेम का सच्चा योगी वही है, जो आठों याम, नित्य ही श्री राधा-कृष्ण की निष्काम सेवा (चाकरी) में उन्मत्त रहे।
श्री जुगलदास गौड़ीय सम्प्रदाय से संबंधित भक्त थे, जिन्होंने श्री राधा माधव वाटिका में श्री रामराय से दीक्षा लेने के बाद अपना पूरा जीवन वृंदावन में उनकी सेवा में व्यतीत किया।
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वृन्दावन की रसोपासना में भक्ति-प्रेम का सच्चा योगी वही है, जो आठों याम, नित्य ही श्री राधा-कृष्ण की निष्काम सेवा (चाकरी) में उन्मत्त रहे।