श्रीराधानाम मात्रेण मूर्छाषाड्मासिकी भवेत् - कौषीतकि संहिता
श्रीशुकदेव जी को श्रीराधा नाम उच्चारण करते ही छै मास की मूर्छा हो जाती है। इसी से श्रीपरीक्षित् का हित करने वाले मुनि श्रीशुकदेव जी ने स्पष्ट श्रीराधा नाम श्रीमद्भागवत में नहीं लिया।
कौषीतकि संहिता ऋग्वेद के अन्तर्गत ही एक प्राचीन संस्कृत पाठ है।
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श्रीशुकदेव जी को श्रीराधा नाम उच्चारण करते ही छै मास की मूर्छा हो जाती है। इसी से श्रीपरीक्षित् का हित करने वाले मुनि श्रीशुकदेव जी ने स्पष्ट श्रीराधा नाम श्रीमद्भागवत में नहीं लिया।