श्री नागा जी

श्री नागा जी, निम्बार्क सम्प्रदाय से ब्रज के एक रसिक संत थे जो कदमबखंडि में श्री राधा कृष्ण का भजन करते थे। उनकी समाधि भी कदमबखंडि में ही स्थित है।

3 लेख उपलब्ध हैं

  1. कदंब खंडी - काम्यवन

    यह स्थान "कदंब खंडी" के रूप में प्रसिद्ध है क्योंकि इसमें कदंब वृक्षों का विशाल समूह है। यह ब्रज के एक महान संत, निम्बार्क संप्रदाय के श्री नागाजी महाराज की भजन स्थली के रूप में भी प्रसिद्ध है।

  2. कोकिला वन रस लीला

    एक बार श्री कृष्ण राधिका से मिलने के लिए उत्साहित थे, लेकिन उनकी सास जतिला, भाभी कुतिला और पति अभिमन्यु के द्वारा बनाई गई समस्या के कारण वह वहां जाने के लिए सक्षम न थे।

  3. नागा बाबा कदम्ब खंडी - युगल स्वरुप उपासक

    बहुत समय पहले की बात है , श्री वृंदावन में एक बाबा का निवास था , जो युगल स्वरुपकी उपासना किया करते थे। एक बार वे बाबा संध्या वंदन के उपरांत कुञ्जवन की राहपर जा रहे थे। मार्ग में बाबा जब एक वट वृक्ष के नीचे होकर निकले तो उनकी जटा उस वटवृक्ष की जटाओं में उलझ गयी। बहुत प्रयास किया सुलझाने का परन्तु जटा नहीं सुलझी। महात्मा भी महात्मा ही होते हैं। वे आसन जमा कर बैठ गये कि जिसने जटा उलझाई है वो सुलझाने आएगा तो ठीक है नहीं तो मैं ऐसे ही बैठा रहूँगा और प्राण त्याग दूंगा। बाबा को बैठे हुए तीन दिन बीत गये।