राधाष्टक (श्री किशोरी अलि)

राधाष्टक संस्कृत में रचित आठ श्लोकों की एक स्तुति है, जो श्री राधा की महिमा का वर्णन करती है। यह वंशी अली जी के शिष्य श्री किशोरी अली जी द्वारा रचित ग्रंथ है ।

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  1. कृष्ण-गुरु द्युति परा बहु गायमाना - श्री किशोरी अलि, राधाष्टक (1)

    श्री राधा, जो श्रीकृष्ण की गुरु हैं, परम ज्योति स्वरूपा हैं, बहु-प्रशंसित हैं, यमुना तट पर विहार करती हैं, जो कृष्णस्वरूप की सार हैं, जिनकी दीर्घ भुजाएँ श्रीकृष्ण के गले में आलिंगनबद्ध हैं — वही कृष्णप्रिया श्री राधा मेरे हृदय में सदा वास करें।