राधैवेष्ट: संप्रदायैक कर्ताचार्यो राधा - श्री हरिलालव्यास जी, रस कुल्य टीका, मंगलाचरण
श्री राधा ही जिनकी इष्ट हैं, श्रीराधा ही जिनके सम्प्रदाय की एकमात्र प्रवर्तक आचार्य हैं, जिनकी मंत्रदाता सद्गुरू श्रीराधा ही हैं, जिनका मंत्र भी श्रीराधा ही है, श्रीराधा चरण-कमल-प्रधान उन श्रीहित हरिवंशचन्द्र महाप्रभु जी की मैं वन्दना करता हूँ ।
