रंगीलो श्रीवृन्दावन धाम - श्री रसिकरूप जी
श्री वृन्दावन धाम प्रेम के रंग में रंगा हुआ है। यहाँ की भूमि बड़ी ही सुख देनेवाली है और अद्भुत आनंद प्रदान करनेवाली है।
श्री रसिकरूप जी श्री हरिदास संप्रदाय के संत थे। ये सदैव श्री वृन्दावन वास करते थे। इनका रचनाकाल अठारहवीं शताब्दी अनुमानित होता है।
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श्री वृन्दावन धाम प्रेम के रंग में रंगा हुआ है। यहाँ की भूमि बड़ी ही सुख देनेवाली है और अद्भुत आनंद प्रदान करनेवाली है।