श्री चरणदास (हरिदासी संप्रदाय)

श्री चरणदास (17वीं शताब्दी) हरिदासी सम्प्रदाय के श्री रसिक देव के शिष्य माने जाते हैं। उनके जीवनचरित्र के बारे में बहुत कुछ ज्ञात तो नहीं है, परंतु उन्होंने लगभग 4 ग्रंथ लिखे हैं, जिनमें शिक्षा प्रकाश, भक्तिमाला, रहस्य दर्पण और रहस्य चंद्रिका संग्रहित हैं ।

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  1. राम कृष्ण के, विष्णु के, भक्तन कौ नहिं पार - श्री चरण दास (हरिदासी संप्रदाय के भक्त), रहस्य चंद्रिका

    श्री चरण दास कहते हैं कि नित्य-विहार-रस परम अद्वितीय है, जिसका पार राम, कृष्ण, विष्णु आदि के भक्त भी नहीं पा सकते, और जिसे ललिता जी (स्वामी हरिदास) की कृपा से ही पाया जा सकता है।