श्री वृन्दावन जस प्रकास बेली

श्री वृन्दावन जस प्रकास बेली श्री हित वृन्दावन दास जी द्वारा रचित है जिसमें श्री श्यामाश्याम एवं श्री वृन्दावन के यश के पद संकलित हैं ।

1 लेख उपलब्ध हैं

  1. सत चित आनन्द रूप है, श्री वृन्दावन धाम - श्री हित वृन्दावन दास जी, श्री वृन्दावन जस प्रकास बेली (76.6)

    श्री वृन्दावन धाम साक्षात् सत-चित-आनन्द स्वरूप है। यहाँ का कण-कण केवल 'हित' (शुद्ध प्रेम) से परिपूर्ण है, जहाँ नित्य-निरंतर श्री श्यामा-श्याम अपनी रसमय क्रीड़ा और विहार करते हैं।