तेजोमय अरु अमृतमय, आनन्दमय निज धाम - श्री हित रूपलाल जी, श्री वृंदावन रहस्य सर्वतत्वसार
श्री प्रिया-प्रियतम का निज धाम तेजोमय, अमृतमय, आनंदमय, शोभामय, रसमय एवं सुखद है, जिसका नाम श्री वृंदावन है।
वृंदावन रहस्य सर्वतत्वसार श्री राधा वल्लभ संप्रदाय के रसिक संत श्री हित रूप लाल द्वारा रचित ग्रंथ है जिसमें श्री वृंदावन धाम की रहस्यमय महिमा का वर्णन किया गया है ।
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श्री प्रिया-प्रियतम का निज धाम तेजोमय, अमृतमय, आनंदमय, शोभामय, रसमय एवं सुखद है, जिसका नाम श्री वृंदावन है।