पाडर खंडी (पांडर वन, बरसाना) की रास लीला इस प्रकार है :-
एक दिन श्याम सुन्दर यहाँ आकर गीत गा रहे थे, इतने में श्याम सुन्दर के गीत को सुनकर बहुत से मोर आ गए और कुहने लगे, और इतने में काले बादल भी आ गए और उसी समय थोड़ी थोड़ी बूंदे भी गिरने लगीं। ठाकुर जी का पीताम्बर भीग गया और ठाकुर जी के शरीर से चिपकने लगा । तभी सखियाँ बोली की "कन्हैया भीग गयो"। लेकिन यह बैरन मुरली नहीं भीग रही है, यह बराबर बज रही है। ठाकुर जी बांसुरी बजा रहे हैं, और यह बांसुरी तो बजी जा रही है अलमस्त होकर। यह लीला देखकर सखियाँ भी बेसुध होने लगी ।

