पैगॉव

पैगॉव


एक दिन ललिता जी ने दूध का एक कटोरा श्याम सुंदर के हाथ में दिया, क्योंकि वह जानती हैं कि यदि पहले श्री राधा के हाथ में दूंगी तो श्री राधा पहले श्याम सुंदर को पिलाएंगी इसलिए दूध का कटोरा श्री कृष्ण के हाथ में दिया। उन्होंने विचार किया की श्री कृष्ण के हाथ में दूंगी तो वह श्री राधा रानी को ही पहले पिलाएंगे। जब ललिता जी ने दूध का कटोरा दिया तो श्याम सुंदर हंसने लगे की ललिता जी बड़ी चतुर हैं।

दूध का कटोरा श्यामसुंदर ने श्री राधा रानी के होठों से लगा दिया। श्री जी मना कर रही हैं नहीं पहले तुम पी लो, ललिता ने पहले तुम्हें दिया है परंतु श्री कृष्ण बोले नहीं लाडली जी पहले आपको ही पीना पड़ेगा फिर मैं पान करूंगा । पहले श्री राधा रानी को पिलाया फिर स्वयं उसका प्रसाद रूप से पान किया । इस स्थान पर यह लीला हुई थी इसलिए इसका नाम है पैगॉव - पेय मतलब दूध तथा गांव मतलब ग्राम।