"दोउ मुख चंद्र चकोर दोउ मुख, भेंटत प्रेम विभोर"
- जगद्गुरु श्री कृपालुजी महाराज
युगल सरकार चंद्र भी हैं और चकोर भी, जैसे चकोर सदैव चंद्र को ही देखता रहता है, उसी प्रकार श्री श्यामा श्याम सदैव एक दूसरे के मुख को निहारते रहते हैं। इसलिए दोनों चंद्रमा हैं और दोनों चकोर भी हैं।
- जगद्गुरु श्री कृपालुजी महाराज
युगल सरकार चंद्र भी हैं और चकोर भी, जैसे चकोर सदैव चंद्र को ही देखता रहता है, उसी प्रकार श्री श्यामा श्याम सदैव एक दूसरे के मुख को निहारते रहते हैं। इसलिए दोनों चंद्रमा हैं और दोनों चकोर भी हैं।

