“ है खेल एक नज़र का, घटना है क्या तुम्हारा
करदो करम वो हमदम, भूलूं जहाँ सारा।”
- जगद्गुरु श्री कृपालुजी महाराज
हे श्री कृष्ण, बस एक नयन कटाक्ष करने की ही तो बात है, इससे आपका क्या घट जाएगा, कृपया मुझपर अपनी दृष्टिपात कीजिये, जिससे मेरा हृदय इस संसार को भूल जाए और केवल आपका ही स्मरण रहे।
करदो करम वो हमदम, भूलूं जहाँ सारा।”
- जगद्गुरु श्री कृपालुजी महाराज
हे श्री कृष्ण, बस एक नयन कटाक्ष करने की ही तो बात है, इससे आपका क्या घट जाएगा, कृपया मुझपर अपनी दृष्टिपात कीजिये, जिससे मेरा हृदय इस संसार को भूल जाए और केवल आपका ही स्मरण रहे।

