एक दिन सुनेगी भरोसा भारी प्यारी - ब्रज रस माधुरी, जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज

एक दिन सुनेगी भरोसा भारी प्यारी - ब्रज रस माधुरी, जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज

एक दिन सुनेगी भरोसा भारी प्यारी, छोड़ूँ नहिं पाछा प्रेम दे या न दे प्यारी।
- ब्रज रस माधुरी, जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज

हे राधे, मुझे पूरा विश्वास है कि एक दिन तुम मेरी बात सुनोगी और मैं तुम्हें प्राप्त कर लुंगी। आप चाहे मुझे अपना दिव्य प्रेम दें या न दें, लेकिन मैं आपका पीछा कभी नहीं छोडूंगी।