बली जाऊं सदा इन नैनन पे, बलिहारी छटा पे होता रहूँ - ब्रज के सवैया

बली जाऊं सदा इन नैनन पे, बलिहारी छटा पे होता रहूँ - ब्रज के सवैया

बली जाऊं सदा इन नैनन पे, बलिहारी छटा पे होता रहूँ।
भूलूँ ना नाम तुम्हारा प्रभु, चाहे जाग्रत स्वप्न में सोता रहूँ॥

- ब्रज के सवैया

हे कृष्ण! मैं बार-बार आपके नयनों और आपकी अनुपम छवि पर बलिहारी जाऊँ। मुझपर ऐसी कृपा करें कि चाहे मैं जागूँ या सोऊँ, आपका नाम कभी न भूलूँ।