"रा" शब्दं कुर्वत स्त्रस्तो, ददामि भक्तिमुत्तमम्।
"धा" शब्दं कुर्वतः पश्चाद्यामि श्रवण लोभतः ।।
भगवान श्री कृष्ण कहते हें, जिस समय में किसी के मुख से 'रा' सुन लेता हूँ तो उसी समय उसे अपनी उतम भक्ति प्रदान कर देता हूँ और 'धा' शब्द का उच्चारण करने पर तो में प्रियतमा श्री राधा का नाम श्रवण करने के लोभ से उस के पीछे पीछे चलने लगता हूँ !

