नित बाँकी यह झाँकी निहारा करौं - ब्रज के सवैया

नित बाँकी यह झाँकी निहारा करौं - ब्रज के सवैया

नित बाँकी यह झाँकी निहारा करौं, छवी छाख सों नाथ छकाये रहौ।
अहो बांके बिहारी यही बिनती, मेरे नैनों से नैना मिलाये रहौ॥

- ब्रज के सवैया

हे बाँके बिहारी जी! मैं नित्य आपकी अद्भुत और बाँकी झांकी को निहारता रहूँ, और आप अपनी अनुपम छवि का दर्शन कराकर मुझ पर अपनी कृपा बरसाते रहें। हे प्रिय बिहारी, मेरी आपसे यही प्रार्थना है कि मेरे नैनों से आपके नैन सदा जुड़े रहें, और यह प्रेममय संग कभी ना टूटे।