मंजू कुञ्ज पुंज बिच बैठे श्याम श्यामा।
बाढ़े प्यास लखि सन्तोष नहीं बामा॥
- जगद्गुरु श्री कृपालुजी महाराज, श्यामा श्याम गीत (246)
श्यामा श्याम ब्रज में सखियों के साथ एक कुञ्ज में विराजमान हैं। सखियों की प्यास श्री श्यामा श्याम को देखकर क्षण क्षण बढ़ती रहती है, उन्हें संतोष नहीं होता।
बाढ़े प्यास लखि सन्तोष नहीं बामा॥
- जगद्गुरु श्री कृपालुजी महाराज, श्यामा श्याम गीत (246)
श्यामा श्याम ब्रज में सखियों के साथ एक कुञ्ज में विराजमान हैं। सखियों की प्यास श्री श्यामा श्याम को देखकर क्षण क्षण बढ़ती रहती है, उन्हें संतोष नहीं होता।

