श्यामा श्याम पूछें कहा चाहो ब्रज बामा।
दोउ मुसकाते रहौ चाहूँ आठो यामा॥
- जगद्गुरु श्री कृपालुजी महाराज, श्यामा श्याम गीत (237)
श्यामा श्याम ने ब्रज सखियों से पूछा कि वे क्या चाहती हैं, सखियाँ बोलीं: आप दोनों नित्य मुस्कुराते रहो एहि हमारी चाह है।
दोउ मुसकाते रहौ चाहूँ आठो यामा॥
- जगद्गुरु श्री कृपालुजी महाराज, श्यामा श्याम गीत (237)
श्यामा श्याम ने ब्रज सखियों से पूछा कि वे क्या चाहती हैं, सखियाँ बोलीं: आप दोनों नित्य मुस्कुराते रहो एहि हमारी चाह है।

