सबसों हित निष्काम मति - श्री हित हरिवंश महाप्रभु, स्फुट वाणी (24.1)

सबसों हित निष्काम मति - श्री हित हरिवंश महाप्रभु, स्फुट वाणी (24.1)

सबसों हित निष्काम मति, वृन्दावन विश्राम।
श्रीराधावल्लभ लाल कौ, हृदय ध्यान मुख नाम॥

- श्री हित हरिवंश महाप्रभु, श्री हित स्फुट वाणी (24.1)

श्री हित हरिवंश जी कहते हैं कि सबसे हितकारी बात यही है कि निष्काम भाव रखो, सदा वृन्दावन में वास करो, श्री राधावल्लभ लाल की छवि को हृदय में धारण रखो और उनके नाम का मुख से उच्चारण करते रहो।