परम धन राधा नाम आधार |
जाकौ श्याम मुरली में टेरत, सुमिरत बारम्बार ||
जंत्र, मंत्र और वेद तंत्र में, सभी तार को तार|
श्री शुक, प्रगट कियू नहीं जाएं, जानी सार को सार ।।
कोटिन रूप धरे नंदनंदन, तोउ न पायौ पार |
'व्यासदास' अब प्रगट बखानत डारि भार में भार ।।
- श्री हरिराम व्यास (विशाखा अवतार) - व्यास वाणी
जाकौ श्याम मुरली में टेरत, सुमिरत बारम्बार ||
जंत्र, मंत्र और वेद तंत्र में, सभी तार को तार|
श्री शुक, प्रगट कियू नहीं जाएं, जानी सार को सार ।।
कोटिन रूप धरे नंदनंदन, तोउ न पायौ पार |
'व्यासदास' अब प्रगट बखानत डारि भार में भार ।।
- श्री हरिराम व्यास (विशाखा अवतार) - व्यास वाणी
श्री हरि राम व्यास जी कहते हैं की राधा रानी का नाम ही परम धन है। हमारा जिस नाम को श्री कृष्ण मुरली में गाते हैं, और बार बार स्मरण करते हैं। जंत्र, मन्त्र और तंत्र सब में जिसकी तुलना किसी से नहीं की जा सकती रहस्य का भी रहस्य है। श्री शुकदेव परमहंस जी ने वेदों का सार का भी सार मान कर इसको प्रगट नहीं किया। श्री कृष्ण कोटिन रूप धारण कर के भी राधा नाम का पार नहीं पा सके। हरि राम व्यास जी कहते हैं की राधा रानी की कृपा समझ कर अब उन्होंने प्रगट कर दिया है क्योंकि उसके बिना वो रह ही नहीं सकते, बाकी सब भाड़ में जाए (भार में भार)।

