माई री, सहज जोरी प्रगट - स्वामी श्री हरिदास

माई री, सहज जोरी प्रगट - स्वामी श्री हरिदास

"माई री, सहज जोरी प्रगट भई, जु रंग की गौर-स्याम घन-दामिनि जैसैं। प्रथम हूँ हुती, अब हूँ आगें हूँ रहिहै, न टरिहै तैसैं”​
- स्वामी श्री हरिदास

अरि सखी राधा कृष्ण की जोरि जो गौर एवं श्यामल रंग की है, ऐसी विचित्र जोरि के समान न तो कभी कोई जोरि थी, न है और न ही आगे होगी|