“तोको दीन जन प्रिय भानुदुलारी, ऐसी कृपा करो दीन बनूँ सुकुमारी। "
- जगद्गुरु श्री कृपालुजी महाराज, ब्रज रस माधुरी
हे सुकुमारी राधारानी! आप सभी दीन जनों से प्यार करती हैं। मुझ पर ऐसी कृपा करिये जिससे मैं भी दीन बन जाऊँ ।
- जगद्गुरु श्री कृपालुजी महाराज, ब्रज रस माधुरी
हे सुकुमारी राधारानी! आप सभी दीन जनों से प्यार करती हैं। मुझ पर ऐसी कृपा करिये जिससे मैं भी दीन बन जाऊँ ।

