अवगुन चित न धरो श्री राधे - जगद्गुरु श्री कृपालुजी महाराज

अवगुन चित न धरो श्री राधे - जगद्गुरु श्री कृपालुजी महाराज

"अवगुन चित न धरो श्री राधे,
अब तो कृपा करो श्री राधे!"

- जगद्गुरु श्री कृपालुजी महाराज

हे राधे! आप मेरे दोषों पर ध्यान न दें, अब मुझ पर आप कृपा करें ।