अजु लखो मंजु निकुंज-बहार,
झूलन की झाँकी अति बांकी, धनी जीन दृगन निहार ।
- जगद्गुरु श्री कृपालुजी महाराज
वृंदावन में आज सुंदर निकुंज वनों की ओर निहारें। दिव्य दंपति के झूलते हुए दृश्य को जिन आँखों ने देखा है वही धन्य है।
झूलन की झाँकी अति बांकी, धनी जीन दृगन निहार ।
- जगद्गुरु श्री कृपालुजी महाराज
वृंदावन में आज सुंदर निकुंज वनों की ओर निहारें। दिव्य दंपति के झूलते हुए दृश्य को जिन आँखों ने देखा है वही धन्य है।

