श्री शुक, प्रगट कियू नहीं जाएं, जानी सार को सार - श्री हरिराम व्यास - व्यास वाणी, पूर्वार्ध (38)

श्री शुक, प्रगट कियू नहीं जाएं, जानी सार को सार - श्री हरिराम व्यास - व्यास वाणी, पूर्वार्ध (38)

श्री शुक, प्रगट कियू नहीं जाएं, जानी सार को सार,
परम धन राधा नाम आधार |

- श्री हरिराम व्यास (विशाखा अवतार) - व्यास वाणी, पूर्वार्ध (38)

श्री हरि राम व्यास जी कहते हैं की राधा रानी का नाम ही परम धन है। श्री शुकदेव परमहंस जी ने वेदों का सार का भी सार मान कर इसको प्रगट नहीं किया। श्री कृष्ण कोटिन रूप धारण कर के भी राधा नाम का पार नहीं पा सके। हरि राम व्यास जी कहते हैं की राधा रानी की कृपा समझ कर अब उन्होंने प्रगट कर दिया है क्योंकि उसके बिना वो रह ही नहीं सकते, बाकी सब भाड़ में जाए (भार में भार)।