कितना ही दुःख देवें तोहि श्याम श्यामा - जगदगुरु श्री कृपालु जी महाराज, श्यामा श्याम गीत (230)

कितना ही दुःख देवें तोहि श्याम श्यामा - जगदगुरु श्री कृपालु जी महाराज, श्यामा श्याम गीत (230)

कितना ही दुःख देवें तोहि श्याम श्यामा।
छिन छिन बाढ़ै सोइ प्रेम निष्कामा॥
- जगदगुरु श्री कृपालु जी महाराज, श्यामा श्याम गीत (230)

राधा कृष्ण के प्रतिकूल व्यवहार के कारण भी जो प्रेम हर क्षण बड़े वही प्रेम निस्वार्थ एवं निष्काम प्रेम है।