श्री कृष्ण के चार अद्वितीय गुण - भक्ति रस्ममित्त सिंधु, रूप गोस्वामी

श्री कृष्ण के चार अद्वितीय गुण - भक्ति रस्ममित्त सिंधु, रूप गोस्वामी

असीमित गुणों से श्री कृष्ण के 64 प्रमुख गुण हैं। साठ गुण तो भगवान के अन्य रूपों में भी पाए जाते हैं। लेकिन चार गुण ऐसे हैं जो केवल श्री कृष्ण में ही पाए जाते हैं जो इस प्रकार हैं:
1) लीला माधुरी - जिसमें से रास लीला श्रेष्ठ मनमोहक है।
2) प्रेम माधुरी - जिसमें वे भक्तों के प्रेम से घिरे हुए हैं जो महाभाव धारी भक्ति हैं।
3) वेणु-माधुरी- उनकी बांसुरी की मधुर ध्वनि तीनों लोको में सभी के मन को आकर्षित करती है।
4) रुप-माधुरी - उनकी विलक्षण सुंदरता समस्त विश्व का मन मोह लेती है।।

स्रोत: भक्ति रसामृत सिंधु, रूप गोस्वामी