भीजैं दोउ कुंज महँ वृन्दावन धामा।
श्यामा उर श्याम छुप्पे श्याम उर श्यामा॥
- जगद्गुरु श्री कृपालुजी महाराज, श्यामा श्याम गीत (621)
श्री वृन्दावन धाम में एक बार तेज़ बरसात में श्री राधा कृष्ण भीगे तभी श्री श्यामा जू श्यामसुंदर के उर में छुप्प गयीं, और श्याम सुन्दर श्यामा जू के, अर्थात् उन्होंने एक दूसरे का आलिंगन कर गले लगा लिया।
श्यामा उर श्याम छुप्पे श्याम उर श्यामा॥
- जगद्गुरु श्री कृपालुजी महाराज, श्यामा श्याम गीत (621)
श्री वृन्दावन धाम में एक बार तेज़ बरसात में श्री राधा कृष्ण भीगे तभी श्री श्यामा जू श्यामसुंदर के उर में छुप्प गयीं, और श्याम सुन्दर श्यामा जू के, अर्थात् उन्होंने एक दूसरे का आलिंगन कर गले लगा लिया।

