"युगल माधुरी ध्यान धरू उर। गाओ नाम रहु वृंदावन।
श्यामा श्याम शरण गहू रे मन। "
- जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज, ब्रज रस माधुरी
अरे मन युगल माधुरी अर्थात राधा कृष्ण की रूप माधुरी का नित्य ध्यान कर, उनका नाम गायन कर और वृन्दावन वास कर। अरे मन, श्यामा श्याम की शरण ग्रहण कर।
श्यामा श्याम शरण गहू रे मन। "
- जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज, ब्रज रस माधुरी
अरे मन युगल माधुरी अर्थात राधा कृष्ण की रूप माधुरी का नित्य ध्यान कर, उनका नाम गायन कर और वृन्दावन वास कर। अरे मन, श्यामा श्याम की शरण ग्रहण कर।

