कोटिक ही कलधौत के धाम - श्री रसखान

कोटिक ही कलधौत के धाम - श्री रसखान

“ कोटिक ही कलधौत के धाम, करील की कुंजन उपर वांरो | ”
- श्री रसखान

सोने से बने अनगिनत महलों को ब्रज की कुंजो पर त्यागा जा सकता है।