नित सेवा मांगूँ श्यामा श्याम तेरी, न भुक्ति नाहीं मुक्ति मांगूँ मैं - जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज, ब्रज रस माधुरी

नित सेवा मांगूँ श्यामा श्याम तेरी, न भुक्ति नाहीं मुक्ति मांगूँ मैं - जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज, ब्रज रस माधुरी

नित सेवा मांगूँ श्यामा श्याम तेरी, न भुक्ति नाहीं मुक्ति मांगूँ मैं।
- जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज, ब्रज रस माधुरी

हे श्री श्यामा श्याम मैं केवल आपकी सेवा मांगती हूँ, न मुझे मुक्ति चाहिये न भुक्ति।