तोहि लखि पतित पावनि श्यामा।
मन माने पाप किया मैंने आठो यामा॥
- जगदगुरु श्री कृपालु जी महाराज. श्यामा श्याम गीत (169)
हे श्री राधा, आपके बारे में विचार करते हुए की आप तो पतित पावन हैं, मैंने बेझिझक दिन रात मनमाने पाप किये।
मन माने पाप किया मैंने आठो यामा॥
- जगदगुरु श्री कृपालु जी महाराज. श्यामा श्याम गीत (169)
हे श्री राधा, आपके बारे में विचार करते हुए की आप तो पतित पावन हैं, मैंने बेझिझक दिन रात मनमाने पाप किये।

