सबई सरस रस द्वारिका, मथुरा अरु ब्रज माहीं।
मधुर, मधुरतर, मधुरतम, रस ब्रज रस सम नाहीं॥
- जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज
मधुर, मधुरतर, मधुरतम, रस ब्रज रस सम नाहीं॥
- जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज
द्वारिका, मथुरा और ब्रज—इन तीनों ही धामों का रस अत्यंत सरस है। किंतु यदि तुलना की जाए, तो द्वारिका का रस मधुर है और मथुरा का मधुरतर (उससे अधिक मीठा), पर ब्रज का रस तो मधुरतम (सर्वश्रेष्ठ) है।

