“ छिन छिन बनिक औरहि और || ” - श्री कुम्भनदास जी राधा कृष्ण की सुंदरता हर क्षण नव नवायमान है ।
“ छिन छिन बनिक औरहि और || ”श्री कुम्भनदास जी“ छिन छिन बनिक औरहि और || ”- श्री कुम्भनदास जीराधा कृष्ण की सुंदरता हर क्षण नव नवायमान है ।2018-01-02