काहू कौ बस नहीं तुम्हारी कृपातें, सब होय बिहारी बिहारिन - स्वामी श्री हरिदास

काहू कौ बस नहीं तुम्हारी कृपातें, सब होय बिहारी बिहारिन - स्वामी श्री हरिदास

काहू कौ बस नहीं तुम्हारी कृपातें, सब होय बिहारी बिहारिन ।
जाहिं तुमसों हित, ताहि तुम हित करो, सब सुख कारनि ॥

– स्वामी श्री हरिदास

राधा-कृष्ण की कृपा किसी के वश में नहीं है — यह पूरी तरह उनके स्वभाव और इच्छा पर निर्भर करती है। वे ही सब कुछ कर सकते हैं। जो उनसे सच्चा प्रेम करता है, वे भी उसे उसी प्रेम से अपनाते हैं और उसे परम सुख प्रदान करते हैं।