“ 'नागरिया' ब्रज वास कृपा फल पाइए,
ब्रज नागर नंदलाल सु निशिदिन गाइए || ”
- श्री नेह नागरी दास, गह्वर वन
ब्रज नागर नंदलाल सु निशिदिन गाइए || ”
- श्री नेह नागरी दास, गह्वर वन
भगवान् की विशेष कृपा से ही ब्रज में वास मिलता है, इसलिए जिस जीव को बृज वास चाहिए उसे रात-दिन, हर क्षण श्री कृष्ण का भजन करना चाहिए।

