हरि के नाम को आलस क्यों करत हैं रे - स्वामी श्री हरिदास

हरि के नाम को आलस क्यों करत हैं रे - स्वामी श्री हरिदास

" हरि के नाम को आलस क्यों करत हैं रे, काल फिरत सर साँधे | ”
- स्वामी श्री हरिदास 

मृत्यु रूपी काल धनुष पर बाण चढ़ाए हुए एक दम तैयार खड़ी है, इसलिए हरि कि भक्ति में लापरवाही मत करो।